अब्राहम लिंकन / 16th President of the United States

अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का नाम आपने सुना होगा | उनकी जीवनी से प्रभावित भी हुए होंगे | उनका जन्म 12 फरवरी 1809 को एक गरीब अश्वेत परिवार में हुआ था |और मृत्यु 15 अप्रैल 1865 में हुई थी | मात्र 56 वर्ष के काल- खंड में उन्होंने अपना प्रारंभिक जीवन बहुत ही गरीबी और संघर्षपूर्ण रूप से बिताया था | स्कूली पढाई –लिखाई नाम मात्र की हुई थी | लेकिन स्वाध्याय से उन्होंने पर्याप्त ज्ञान हासिल किया | 21 वर्ष की उम्र में जीवन यापन के लिए साल भर खेतों में मजदूरी की | अनेक छोटी –मोटी नौकरियां की | यहाँ तक कि जीविकोपार्जन के लिए जलावन की लकड़ी कुल्हाड़ी से फाड़ने का काम भी किया | जीवन के संघर्षों से जीत कर आगे निकलने के क्रम में वकील बने | सीनेट के चुनावों में दो बार पराजित भी हुए | लेकिन अदम्य इच्छाशक्ति और परिश्रम के बलबूते अमेरिका के राष्ट्रपति पद तक पहुँच गए | इस तरह उनके white house पहुँचने का सपना साकार हुआ | तीव्र इच्छाशक्ति , अथक परिश्रम और नहीं टूटने वाली एकाग्रता ने अब्राहम लिंकन को अमेरिका के सर्वोच्च पद पर आसीन कराया | यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं है |

अब सवाल है कि क्या हम ऐसी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं ? आप मन में कोई बड़ी इच्छा कर सकते हैं | आप परिश्रम भी कर सकते हैं लेकिन एकाग्रता सबसे मुख्य चीज है | मूल समस्या तो ध्यान एकाग्र करने की है | क्योंकि मन बहुत चंचल होता है | यह मन की प्रकृति है | तीन इंच ब्यास वाले मेग्निफाइंग ग्लास ( लेंस ) से बचपन में आपने धूप में सूर्य की किरणों को एक बिंदु में केन्द्रित कर के कागज़ या सूखे पत्ते जलाये होंगे | यह चार इंच के लेंस में पड़ने वाली धूप को केन्द्रित करने के बाद का कमाल है |

एक दूसरा उदाहरण – थोड़े से बारूद को जमीन

पर डाल कर अगर जलाएं तो वह भक्क से जल जायेगा | लेकिन इतने ही बारूद से जब किसी रायफल की गोली बनती है तो वह काफी दूरी के लक्ष्य को भी भेद सकती है |

तो इसी तरह अगर मन को एकाग्र कर पायें तो बड़ा से बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकते हैं | जब भी आप किसी संकट में घिरते हैं तो आपका ध्यान संकट से मुकाबला करने के लिए केन्द्रित हो जाता है | इसी तरह अगर अपने लक्ष्य को जीवन –मरण का प्रश्न बना लेंगे तो इसी जूनून ( उन्माद ) से आप लक्ष्य प्राप्ति की ओर बढ़ सकेंगे |

Leave a Reply

Be the First to Comment!

avatar
  Subscribe  
Notify of