रोमन लिपि और हिंदी / Devnagri script and Hindi

देवनागरी लिपि ने रोमन लिपि से कहा – जरा लिख कर दिखाओ “ चांगे थे पोले “ |
रोमन लिपि ने लिखा “ change the pole “ ( चेंज द पोल ) “ खम्भा बदल दो | “
रोमन लिपि 2500 ( दो हजार पाँच सौ ) वर्ष पुरानी है | इसके गुण – दोष के बारे में जानें —
1 . एक ध्वनि के लिए कई चिह्न हैं |
2 . एक संकेत से कई ध्वनियों की अभिव्यंजना होती है |
3 . दो ध्वनि संकेतों को मिला कर महाप्राण ध्वनियों का निर्माण करते हैं |
4 . सभी अनुनासिक ध्वनियाँ नहीं है |
5 . लिपि में सौन्दर्य है |
6 . अनावश्यक वर्णों का व्यवहार है |
7 . मात्राओं के स्पष्ट संकेत नहीं हैं |
अब थोड़ा विस्तार में देखें –
1 . अक्षरों के नाम से वर्ण की ध्वनि के सम्बन्ध में असमंजस | G ( जी ) से ग , H ( एच ) से ह , W ( डब्लू ) से व का उच्चारण होता है |
2 . बड़े और छोटे अक्षरों के कारण एक ही वर्ण के लिए दो संकेतों को याद करना और प्रयोग में लाना पड़ता है |
3 . अनावश्यक वर्णों का प्रयोग होता है | कभी शुरू में , कभी बीच में और कभी अंत में | जैसे – knife ,often , comb इत्यादि |
4 . एक वर्ण से कई उच्चारण होते हैं | जैसे –
A ( a ) ant – एन्ट – ए
bat – बैट – ऐ
mark – मार्क – आ
main – मेन – ए
sea – सी – इ
saw – सो – ओ
aunt – अंट – अ
call – कॉल – ऑ
BHARAT लिखने पर इसका उच्चारण भारत , भरत , भरात , भारट ,भाराट भी हो सकता है |
E (e ) let – लेट – ए
week – वीक – इ
sea – सी – इ इत्यादि |
I (i ) kit – किट — इ
kite – काईट – आई
live – लाइव और लिव ( दोनों उच्चारण सही हैं )
O ( o ) do – डू – ऊ
go – गो – ओ
blood – ब्लड – अ इत्यादि |
U ( u ) tub – टब – अ
tube – टिउब – यु
Y ( य ) my – माई – आई
yard – यार्ड – य
baby – बेबी – ई इत्यादि |
Th ( th ) थ , द और ठ का उच्चारण होता है |
C ( c ) का प्रयोग कहीं क के लिए तो कहीं च के लिए और कहीं स ध्वनि के लिए होता है |
5 . एक ध्वनि के लिए अलग –अलग वर्णों की सहायता ली जाती है |
क – cut – कट
kite – काइट
queen – क्वीन
school – स्कूल
check – चेक इत्यादि |
ज – jug – जग
zig – ज़िग
gem – जेम इत्यादि |
फ – physics – फिजिक्स
fan – फैन इत्यादि |
इ – year – इअर
eye –आई
lip – लिप इत्यादि |
6 . स्वतंत्र महाप्राण ध्वनि का संकेत चिह्न नहीं है | H लगा कर महाप्राण ध्वनि बनाई जाती है |
7 . द का उच्चारण नहीं है | D से द और ड दोनों का काम चलता है |
8 . र और ड़ के लिए एक ही संकेत व्यवहार में आता है |
9 . ढ़ लिखने की व्यवस्था नहीं है |
10 . मात्राओं के स्पष्ट संकेत नहीं है | स्वर वर्ण के प्रयोग का अनियमित चलन के कारण मात्रा में भ्रान्ति बनी रहती है | bharat लिखने पर उसका उच्चारण भारत , भरत , भरात , भारट , भाराट भी हो सकता है |

Leave a Reply

Be the First to Comment!

avatar
  Subscribe  
Notify of