शरीर का सिस्टम कैसे ठीक काम करता है ?/ How does the body system work properly?

एक कहावत है जान है तो जहान है ! इसके लिए जरूरी है HEALTH CARE ,POLUTION मुक्त FRESH AIR , अच्छा साफ़ पीने का पानी ( DRINKING WATER ) , संतुलित आहार ( BALANCED DIET ) , खनिज लवण ( MINERAL SALTS ) , सभी प्रकार के विटामिन ( VITAMINS ) से शरीर को सही पोषण मिले | इतने से काम नहीं चलता EXERCISE या YOGA करना है | NUTRITION सही मिले तो IMUN SYSTEM ठीक काम करता है और MEDICINES की आवश्यकता नहीं होती है | विस्तार से जानना चाहते हैं तो थोड़ा इत्मीनान से पढ़िए |
मनुष्य को जिन्दा रहने के लिए क्या जरूरी है ? जिन्दा आदमी की साँसें चलती रहती हैं | साँस बंद हो जाए तो आदमी मर जाता है | चलती साँसों के कारण आक्सीजन हमारे फेफड़ों में पहुँचता है | आक्सीजन शरीर के अन्दर जा कर करता क्या है आपको मालूम ही होगा ! अगर नहीं मालूम तो कोई बात नहीं | ज्यादा मगजमारी करने की आवश्यकता नहीं है | बस इतनी जानकारी हर आदमी को होनी चाहिए कि जिन्दा रहने के लिए साफ़ हवा ( fresh air ) में साँस लेनी चाहिए | प्रदूषित वायु ( polluted air ) में हानिकारक धूल ( harmful dust ) और गैसें होने के कारण आक्सीजन ( oxygen ) की मात्रा कम होती है | मतलब निकालिए कि शरीर को आजीवन साँसों के द्वारा जितनी आक्सीजन की जरूरत होगी वह हम नहीं दे पाए तो क्या होगा ? मोटे तौर पर लगता है कि आयु घट जाएगी | अब आप स्वंय लिस्ट बना सकते हैं कि वे कौन सी बीमारियाँ (illnesses) होती हैं जो प्रदूषित हवा और आक्सीजन की कमी से होती हैं | अब उपाय ढूंढिए कि भरपूर आक्सीजन हमें कैसे मिले | क्या कोई साफ़ पानी वाले नदी के किनारे ( riverside ) चले जाएँ ? लेकिन साफ़ पानी वाली नदी का नाम मैं नहीं बता सकता क्यों कि मुझे मालूम नहीं है | किसी पीपल के पेड़ ( ficus tree ) के पास चले जाएँ ? सुना है पीपल के पत्ते रात दिन आक्सीजन छोड़ते हैं | जब कि अन्य पेड़ पौधे सिर्फ दिन में oxygen और रात को carbon dioxide छोड़ते हैं | कुछ ऐसे भी घर में लगाने योग्य पौधे हैं जो रात दिन आक्सीजन छोड़ते हैं | बड़े पेड़ों में पीपल के बाद नीम का पेड़ है जो रात दिन आक्सीजन छोड़ते हैं | घर और आँगन में ऐसे कुछ पौधे अवश्य लगायें जो आपको रात दिन आक्सीजन देगा | ये पौधे गमले में भी लगाये जा सकते हैं | 1. तुलसी का पौधा ( holy basil / tulsi plant ) 2 . एलोवेरा प्लांट ( aloe vera plant ) 3 . एरका प्लांट ( areca palm ) 4 . स्नेक प्लांट ( snake plant ) 5 . क्रिसमस केक्टस ( Christmas cactus ) 6 . ऑर्किड प्लांट ( orchid plant ) |
दूसरी बड़ी बात – कुपोषण से बचें ! शरीर को आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्वों का नहीं मिलना या शरीर द्वारा पोषक तत्वों का ग्रहण नहीं कर पाना ही कुपोषण है | आम तौर पर लोग सोचते हैं कि गरीब लोग ही कुपोषण के शिकार होते हैं | क्या आप भी यही सोचते हैं ? कुपोषण से बचना है तो संतुलित भोजन लें | निम्नलिखित तत्वों की कमी या असंतुलन आपको अस्वस्थ करती है |
1 . कार्बोहाइड्रेट ( carbohydrate )— यह हमारे भोजन का मुख्य हिस्सा है | चावल ,गेहूं के आटे की रोटी , मैदे से बनी चीजें , आलू ,चीनी और चीनी से बनी मिठाइयाँ , शकरकंद , मीठे फल जैसे आम और अंगूर ,मधु इत्यादि खाने से हमें कार्बोहाइड्रेट मिलता है | इसी से हमें ताकत मिलती है | इसकी कमी से कमजोरी आती है और शरीर का वजन घट जाता है | कार्बोहाइड्रेट की अधिकता से मोटापा आता है | मोटे शरीर वालों को कौन –कौन सी बीमारियाँ होती हैं आप जानते हैं | कार्बोहाइड्रेट की कितनी आवश्यकता है आपको स्वंय पहचाना होगा | यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप शारीरिक श्रम कितना करते हैं |
2. प्रोटीन ( protein ) — यह हमें दाल , दूध , मांस ,मछली , अंडा इत्यादि से प्राप्त होता है | प्रोटीन हमारे शरीर की कोशिकाओं को बढाता है जिसके कारण शरीर का विकास होता है | यह हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है | इसकी कमी से बच्चों का शरीर अविकसित रह जाता है | प्रोटीन की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी आती है | और मानसिक शक्ति की कमी के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता का ह्रास्व भी होता है | शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम एक से डेढ़ ग्राम की प्रोटीन की आवश्यकता होती है |
3. वसा ( Fat ) —चिकनाई को वसा कहते हैं | यह घी ,मक्खन ,तेल इत्यादि में होती है | वसा ही शरीर में चर्बी के रूप में जमा होती है | इसकी शरीर में जरूरत पचास –साठ ग्राम प्रतिदिन की होती है | वसा की कमी से शरीर का वजन घटता है | शरीर के विकास के लिए वसा की सही मात्रा की आवश्यकता होती है | अगर भोजन में वसा की मात्रा अधिक हो तो शरीर में चर्बी जमा होती जाती है | आपने किसी थुलथुल शरीर वाले स्त्री या पुरुष को देखा ही होगा | ऐसे मोटापे से परेशान लोगों को अनेक बीमारियाँ हो जाती है | कौन सी बीमारियाँ होती हैं आप जानते हैं क्या ? नहीं जानते तो कोई बात नहीं |
4. सभी विटामिन ( vitamins ) —विटामिन भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है | इससे हमें ऊर्जा तो नहीं मिलती लेकिन शरीर की चयापचय ( Metabolism ) को प्रभावित करती है | विटामिनों के महत्व जानिए —
विटामिन ए ( रेटिनाल ) vitamin A – विटामिन ए आखों की रोशनी के लिए आवश्यक होता है | इसकी कमी से रतौंधी हो जाती है | यह दूध ,मक्खन ,घी ,अंडा ,हरी पत्तेदार सब्जियां , गाजर ,टमाटर और पीले फलों में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है | इसकी दैनिक आवश्यकता करीब 750 माइक्रोग्राम है |
विटामिन बी 1 ( थायमिन ) vitamin B1 – यह अंकुरित गेहूं ,अन्न ,मूंगफली ,दलहन ,तिल, मेथी, ताजे फलों और सब्जियों में पाया जाता है | यह ह्रदय और पाचन प्रणाली को स्वस्थ और सक्षम रखता है | इसकी कमी से बेरीबेरी नामक रोग हो जाता है | भूख की कमी भी इसकी कमी का एक लक्षण होता है | दैनिक आवश्यकता 1.2 -1 .4 mg. है |
विटामिन बी 2 ( रिबोफ्लेविन ) vitamin B2 – यह अंकुरित अनाज , मांस , पनीर इत्यादि में मिलता है | इससे आँख और त्वचा की कोशिकाओं को पोषण मिलता है | शरीर में खून बनने में सहायक होता है | इसकी कमी से मुँह और होटों के किनारे पर छाले हो जाते हैं | खून की कमी का कारण भी विटामिन बी 2 की कमी होती है | इसकी दैनिक आवश्यकता 1.1 से 1.8 mg. की होती है |
विटामिन बी 3 ( पैन्तोथिनिक अम्ल ) vitamin B3 – यह अंकुरित अनाज , हरी पत्ती वाली भाजी , फल ,गेहूं के चोकर ,शकरकंद आदि में पाया जाता है | इसका निर्माण आँतों में पाए जाने वाले वैक्टीरिया द्वारा भी होता है | यह कॉलेस्ट्राल , वसा की चयापचय क्रिया में तथा कुछ में हार्मोन्स के निर्माण में भाग लेता है | यह शरीर में एंटीबाडीज के निर्माण ,शरीर के विकास तथा बालों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है | इसकी दैनिक आवश्यकता 8.5 से 10 mg. है |
विटामिन बी 6 ( पायरीडोक्सिन ) vitamin B 6 — यह छिलका युक्त अनाजों , यकृत , फली वाली सब्जियों , केला , दूध , खमीर इत्यादि में पाया जाता है | यह तंत्रिका तंत्र की कोशिकाओं का पोषण करता है और खून बनने में सहायक होता है | इसकी कमी से खून की कमी हो जाती है | बुद्धि मंद होने की समस्या भी इसकी कमी से होती है | इसकी दैनिक आवश्यकता 2 mg. की होती है | विटामिन बी 7 ( नियासिन या निकोटिनिक अम्ल ) vitamin B 7 — यह मांस ,खमीर , चोकरयुक्त आटा ,कॉफ़ी और मटर इत्यादि में पाया जाता है | यह त्वचा और मस्तिष्क की कोशिकाओं का पोषण करता है | इसकी कमी से त्वचा , मुँह में छालें और बुद्धि की कमी जैसी बीमारी हो जाती है | दैनिक आवश्यकता 10 – 18 mg. है |

विटामिन बी 12 ( बायोटिन ) vitamin B 12 –यह मांस , मछली , अंडा , खमीर , हरी सब्जी और फलों में पाया जाता है | खून बनने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है | इसकी कमी से खून की कमी ( एनीमिया ) हो जाती है | इसकी दैनिक आवश्यकता 3 μgm. है |
फोलिक अम्ल ( folic acid ) –यह सभी प्रकार के अनाज ,सोयाबीन , दलहन और हरी पत्तियों में प्रचुरता से पाया जाता है | इसका निर्माण आँतों में भी होता है | यह विभिन्न एमिनो एसिड की चयापचय क्रिया में भाग लेता है | अस्थिमज्जा में लाल रक्तकणों के निर्माण में उत्प्रेरक का काम करता है | श्वेत रक्तकणों तथा कोशिकाओं के निर्माण में भी सहायक होता है | इसकी दैनिक आवश्यकता 50 माइक्रोग्राम है |
विटामिन सी ( एस्कार्बिक अम्ल ) vitamin C –यह नीम्बू , संतरा , मौसम्बी ,आंवला , अमरुद ,हरी मिर्च इत्यादि में मिलता है | यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और खून बनाने में सहायक होता है | यह मसूड़ों को स्वस्थ रखता है | इसकी कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है | खून की कमी होने में इसकी कमी भी कारण बनती है | इसकी दैनिक आवश्यकता 45 mg. है |
विटामिन डी ( कोलेकेल्सिफेराल ) vitamin D —यह सूर्य की किरणों , मछली के तेल , अंडा , दूध इत्यादि से मिलता है | यह हड्डियों के विकास में सहायक होता है | इसकी कमी से बच्चों में रिकेट्स और बड़ों में आस्टो मलेशिया नामक बीमारी होती है | इसकी दैनिक आवश्यकता 400u है |
विटामिन ई ( अल्फ़ाटोकोफेराल ) vitamin E – यह चोकर ,वानस्पतिक तेल , मेवे ,गाजर इत्यादि में मिलता है | स्वस्थ यौन जीवन के लिए यह आवश्यक है | मधुमेह के रोगियों को रोग की जटिलताओं से बचाता है | इसकी कमी से नपुंसकता ,बांझपन , पिंडलियों में दर्द इत्यादि होता है | दैनिक आवश्यकता 15 से 20 mg. की है |
विटामिन के ( vitamin K ) – यह आँतों में मौजूद जीवाणुओं के द्वारा बनता है | यह हरी पत्तीदार सब्जियों से भी मिलता है | यह खून के जमने में सहायक होता है | इसकी कमी से मस्तिष्क और आँतों में रक्तस्राव हो जाता है | चोट लगने पर खून बहना जल्दी बंद नहीं होता है |
खनिज लवण ( mineral salts ) – अनेक ऐसे खनिज हैं जिसकी आवश्यकता हमें होती है जो हमारे शरीर की चयापचय की क्रियाओं में महत्वपूर्ण रोल अदा करते हैं | ये सोडियम , पोटाशियम , मैगनीशियम ,कैल्शियम , आयरन , कॉपर , आयोडीन , जिंक , कोबाल्ट इत्यादि के साल्ट्स होते हैं जो हमारे खाद्य पदार्थों में रहते हैं | यह खनिज लवण हरी सब्जियों और फलों में रहता है | इनकी कमी से अनेक समस्याएं रोग के रूप में नजर आती हैं |
पानी ( drinking water ) – पानी पीना भी भोजन का ही हिस्सा है | क्यों कि हमारे शरीर का सत्तर प्रतिशत पानी ही है | भोजन के साथ बहुत सारा पानी नहीं पीना चाहिए | भोजन से एक घंटा पहले और एक घंटे बाद पानी पीना चाहिए | वयस्क आदमी को दिन भर में ढाई- तीन लीटर पानी पीना चाहिए | मौसम के हिसाब से कुछ कम-अधिक होता है | ध्यान रखना चाहिए कि शरीर में पानी की कमी न हो |
रेशा ( fiber )—हमारे भोजन में फाइबर का भी समावेश होता है | यह स्वयं हजम तो नहीं होता लेकिन खाना हजम करने में सहायक होता है | इससे अंतड़ियों की सफाई होती है और कब्जियत नहीं होती | शरीर का कोलेस्ट्रोल नियंत्रण में रहता है | इसकी दैनिक आवश्यकता 20 -25 ग्राम की होती है |
तीसरी बड़ी बात ; शारीरिक श्रम या व्यायाम ( exercise ) – हर रोज शारीरिक श्रम करना आवश्यक है | अगर शारीरिक श्रम कम होती हो तो पंद्रह –बीस मिनट सामान्य कसरत कर लें या योगासन ( YOGA )| रोज तीन – चार किलोमीटर टहलना भी लाभदायक है |
चौथी बड़ी बात ; अच्छी नींद ( SOUND SLEEP ) – हर रोज 7 -8 घंटों की नींद लेनी चाहिए | अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह आवश्यक है | यह रहा TIPS FOR GOOD HEALTH .

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