बदला है रूप तुमने ये नयी

 

बदला है रूप तुमने ये नयी कोई खबर नहीं

गली -गली चर्चा तेरी बचा कोई शहर नहीं

 

मिले गले से गले दिल मिल पाये कहाँ

प्यार मुहब्बत की रही अब कोई डगर नहीं

 

गरीबी आम जनता की कैंसर बनेगी एक दिन

नियति है बेमौत मरना यहाँ कोई अमर नहीं

 

आतंक के सहारे तुमने प्राण सैकड़ों लिए

भाई के विश्वासघात -सा अच्छा कोई जहर नहीं

 

अपहरण का धंधा अब फलने फूलने भी लगा

रावण के लिए दया की यहाँ कोई लहर नहीं

 

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