JOKES LAUGHTER THERAPY

INTERNET में लोग SEARCH करते हैं LAUGHTER THERAPY कोई चुटकुले और कोई JOKES . असल में हर  आदमी खुश रहना चाहता है | हँसना – मुस्कुराना चाहता है | DEPRESSION और तनाव से बचने के लिए JOKES पढ़िए |

  • एक चोर तेजी से दौड़ता हुआ गली के मोड़ पर खड़े सिपाही से टकरा गया , सिपाही ने उसे डाँटते हुए कहा – कौन हो ?

पहले तो चोर घबराया फिर भागते हुए बोला चोर |

सिपाही उसे भागते देखकर हँस कर बोला – अजीब पागल आदमी है पुलिस से मजाक करता है |

  • सिपाही की पत्नी ने अपने पति के बटुवे में से कुछ रूपए निकले ही थे कि सिपाही की नजर पड़ गई | उसने आगे बढ़ कर पत्नी की कलाई पकड़ी और गुस्से से बोला – मैं केवल तुम्हारा पति ही नहीं बल्कि पुलिस वाला भी हूँ | इस समय मैं चोरी के आरोप में तुम्हें अरेस्ट कर सकता हूँ |

पत्नी उन रुपयों में से एक सौ रूपए का नोट सिपाही के हाथ पर रखते हुए बोली – चलो भी , बात यहीं ख़त्म कर दो |

  • कवि सम्मेलन में एक कवि महाशय अपनी कविता सुना रहे थे और स्टेज के नीचे एक साहब अपने हाथ में डंडा लिए तेजी से टहल रहे थे | आखिर कवि महाशय से न रहा गया और वह बोल उठे – बस जनाब , यह अन्तिम पंक्ति सुनाकर बैठ रहा हूँ |

वह साहब तुरन्त बोले – नहीं साहब आप तो हमारे मेहमान हैं आप तो कविता शौक से सुनाइए , मैं तो उस व्यक्ति को ढूंढ रहा हूँ जिसने आपको बुलाया है |

  • एक नवयुवक ने स्विट्ज़रलैंड से अपने कंजूस ससुर के लिए एक कोट भेजा , जिसकी कीमत एक हजार रुपये थी | परन्तु कहीं उसकी फिजूलखर्ची से ससुर नाराज न हो जाएँ उसने कोट की कीमत कम लिखी यानि दो सौ रुपये | कुछ दिन बाद दामाद को मैसेज मिला – दो दर्ज़न कोट और भेज दो मैंने उस कोट को को यहाँ चार सौ रुपये में बेच दिया |
  • “ यह हाथ में पट्टी कैसे बंधी है ? ”

“ कार से एक्सीडेंट हो गया था | ”

“ उसी में यह चोट लगी ? ”

“ नहीं तो, मुझे खरोंच भी नहीं लगी | परन्तु एक राहगीर को धक्का लग गया था | ”

“ फिर यह पट्टियाँ कैसी हैं ? ”

“ कल वह राहगीर रास्ते में मिल गया था | ”

  • एक साहब साईकिल पर जा रहे थे | साईकिल के पीछे उनका बच्चा रो रहा था | उसको रोता देख कर राहगीर ने उन साहब से कहा – कमाल है , आपका बच्चा रो रहा है और आप बेधड़क चले जा रहे हैं |

साईकिल सवार ने कहा – बच्चे को जबरदस्ती रुलाया गया है क्योंकि साईकिल में घंटी नहीं है |

  • एक साहब अपने मित्र को बैरंग पत्र द्वारा केवल अपनी खैरियत भेजा करते थे | एक बार उसके दोस्त ने उसके पास बैरंग एक बड़ा सा पार्सल भेजा | खोलने पर पता चला कि उसमें एक बहुत बड़ा पत्थर रखा हुआ है | जिस पर एक कागज चिपका था और उस पर लिखा था – तुम्हारी खैरियत पाकर मेरे मन से इतना बड़ा बोझ उतर गया |
  • बीमा कम्पनी के एक एजेंट से एक साहब ने आकर पूछा – “ यदि मैं अपनी पत्नी का बीमा कराऊँ और कल वह मर जाए तो मुझे क्या मिलेगा ? ”

बीमा एजेंट ने बड़े इत्मीनान से उत्तर दिया–“फांसी |”

  • अचानक बिजली फेल हो गई तो मोमबत्तियां जला दी गईं | गर्मी तेज थी | इसी बीच एक मेहमान ने कहा – “ भाई पंखा तो चला दो |”

घरवाले ने मुड़कर गंभीरता से कहा – “ पंखा चलाने से मोमबत्तियां बुझ जाएँगी |”

  • एक लम्बा तगड़ा बहुत ही मोटा व्यक्ति दर्जी की दुकान पर पहुंचा | दर्जी ने बड़ी कठिनाई से नाप लेकर हांफते हुए कहा – “ जनाब इस शेरवानी ( अचकन ) की सिलाई के पाँच सौ रुपये होंगे |”

“ परन्तु तुमने तो टेलीफोन पर ढाई सौ रुपये बताये थे |”

दर्जी ने पसीना पोंछते हुए कहा –“ जी हाँ बताये तो थे परन्तु शेरवानी के बताये थे शामियाने के नहीं |”

  • दो शराबी नशे में धुत्त एक बस में चढ़ गए | एक की नजर पास खड़े एक वर्दीधारी पर पड़ी | उनमें से एक उसकी तरफ किराये के पैसे बढ़ाकर टिकट मांगने लगा | वर्दीधारी ने उत्तर दिया –“ माफ़ कीजिए मैं यह काम नहीं कर सकता , मैं नेवी में ऑफिसर हूँ |”

शराबी ने तुरन्त अपने साथी से कहा – “ चलो भाई यहीं उतर जाओ , लगता है हम किसी जंगी जहाज पर सवार हो गए हैं | ”

  • एक दुकानदार बोलनेवाले तोते की खूबियाँ बताते हुए बोला – “ श्रीमान जी यदि आप इसका दाहिना पैर उठाएंगे तो यह स्वागतम कहेगा , यदि बायाँ पैर उठाएंगे तो आइयेगा कहेगा | ”

“ और यदि मैं इसके दोनों पैर उठाऊँ तो |” ग्राहक ने पूछा |

“ मैं गिर जाऊंगा वेवकूफ | ” दुकानदार की जगह तोते ने उत्तर दिया |

  • एक मिस्त्री डाक्टर के पास चोट खा कर ड्रेसिंग करवाने आया | कम्पाउण्डर ने पूछा –“ चोट कैसे लग गई ? ”

मिस्त्री ने उत्तर दिया –“ मैं एक दोमंजिला इमारत पर सीढ़ी लगा कर मरम्मत कर रहा था ,सामने ही एक हसीन लड़की नहा रही थी कि अचानक सीढ़ी गिर गई और चोट लग गई | ”

नौजवान कम्पाउण्डर ने रुचि लेते हुए कहा- “ हाय उसी समय सीढ़ी को गिरना था | ”

मिस्त्री ने कहा –“ जनाब अगर एक ही सीढ़ी पर पचास –पचास आदमी खड़े हों तो वह सीढ़ी गिरेगी नहीं तो क्या होगा ? ”

  • एक व्यक्ति ने अपने दूध वाले से झल्ला कर कहा –“ तुममे और गाय में केवल यह अन्तर है कि वह शुध्द दूध देती है और तुम पानी मिलकर देते हो | ”

दूध वाले ने उत्तर दिया –“ नहीं जनाब एक अन्तर और भी है मैं उधार देता हूँ , गाय उधार नहीं देती |”

  • एक व्यक्ति घबराया हुआ पुलिस स्टेशन आया और थानेदार से बोला –“ मुझे गिरफ्तार कर लीजिये , मैंने अपनी पत्नी के सिर पर लाठी मारी है | ”

थानेदार ने पूछा –“ मर गई क्या ? ”

पति ने उत्तर दिया – “ जी नहीं ,बल्कि वही लाठी लिए मेरे पीछे आ रही है | ”

  • एक लड़की ने अपनी सहेली से कहा –“ मैं ऐसे लडके से शादी करना पसंद करुँगी जो काफी स्मार्ट हो ,अच्छा गा सके , नए मजाक करे , हर हफ्ते पिक्चर दिखाए , ड्रामे दिखाए , दुनिया भर के समाचार सुनाए और जब चुप हो जाने के लिए कहूं तो तुरन्त चुप हो जाए |”

“ मेरी नजर में एक ऐसा ही नाम है | ” उसकी सहेली ने मुस्कुराते हुए कहा |

“ कौन है वह ? ”

“ टेलीविजन सेट ! ”

  • एक सिनेमा के गेटकीपर के दांत में सख्त दर्द हुआ | डाक्टर के पास गया और बोला –“ डाक्टर साहब मेरे दांत में दर्द हो रहा है | ”

“ कौन से दांत में ? ”

गेटकीपर ने उत्तर दिया –“ नीचे की बालकोनी में सामने वाली लाइन में दूसरे नंबर पर | ”

  • एक मेहमान ने जब वापस जाने का नाम ही न लिया तो एक दिन घर का मालिक किसी बात पर अपनी बीवी पर बुरी तरह बरस पड़ा और गलियां देने लगा | बीवी दहाड़ मारकर रोने लगी मेहमान ने जब यह देखा तो वह चला गया | मेहमान के जाते ही आदमी ने बीवी से कहा –“ देखो बुरा मत मानना , मैंने यह सब ड्रामा उसे भागने के लिए किया था |”

बीवी ने कहा कि मैं ही असली कब रो रही थी | मैं भी यूँ ही रो रही थी | इतने में मेहमान की आवाज आई जो दोबारा घर में प्रविष्ट होते हुए कह रहा था –“ और मैं ही कौन सा असली में गया था | बस यूं ही चला गया था | ”

  • दो आदमी आपस में झगड़ रहे थे | पहला बोला –“ मैं तुझे एक हाथ मारूंगा और तेरे बत्तीस दांत तोड़ दूंगा | ”

दूसरा –“ मैं चौंसठ तोड़ दूंगा | ”

एक तीसरा आदमी जो पास ही खड़ा उनकी बातें सुन रहा था , हँस कर बोला –“ इसे मालूम नहीं कि एक आदमी में बत्तीस से अधिक दांत होते ही नहीं | ”

दूसरा आदमी –“ मुझे मालूम था तुम बीच में जरूर बोलोगे इसलिए बत्तीस दांत तुम्हारे भी गिन लिए थे | ”

  • “ आ जाओ कुत्ते से डरो नहीं | ” एक व्यक्ति ने घर आये मेहमान से कहा |

“ क्यों यह काटता नहीं ? ” मेहमान ने पूछा |

“ यही तो मैं देखना चाहता हूँ | मैंने आज ही इसे खरीद कर लाया है | ”

  • एक दार्शनिक के साथ एक शाम मनाई गई | सभा के आखिर में उनको बताया गया कि लोग उनसे कुछ प्रश्न करना चाहते हैं | उन्होंने कहा कि लोग कागज पर प्रश्न लिख कर भेजें | मैं माइक पर उत्तर देता हूँ | कई प्रश्नों के बाद एक पर्ची उनके हाथ आई जिस पर केवल एक शब्द लिखा था –“ गधा ”|

दार्शनिक थोड़ी देर हैरान रह गए , फिर समझ गए कि मामला क्या है , बोले –“ अब मेरे पास एक ऐसा कागज आया है जिसमें किसी साहब ने अपना नाम तो लिख दिया है परन्तु प्रश्न लिखना भूल गए | ”

  • एक साहब ने पंडित जी को घर बुलाकर खाना खाने के लिए कहा | जब उन्होंने काफी खा लिया तो पेट की ओर हाथ से इशारा करते हुए कहा –“ बस भर गई है | ”

इसके बाद उसने मलाई से भरी प्लेट लाकर दी तो वह भी उन्होंने खा ली |

उन साहब ने कहा –“ पंडित जी आपकी बस तो भर गई थी तो आपने मलाई कैसे खा ली | ”

पंडित जी नम्रता से बोले –“ यजमान ,बस तो भर गई थी लेकिन कंडक्टर की सीट खाली थी | ”

  • चोर की मरम्मत करके उसे बेहोश कर देने पर जब पुलिस इंस्पेक्टर ने एक महिला की तारीफ़ की तो वह बोली –“ इसमें प्रशंसा की क्या बात है | वास्तव में चोर के आने पर मैं समझी थी कि इतनी रात गए टोनी के पापा क्लब से लौटे हैं | ”
  • बस में बहुत भीड़ थी | एक यात्री ने भीतर घुसते हुए कहा –“ ओह ! लगता है बस में जानवर भरे हैं | ”

पास ही बैठे एक सज्जन तपाक से बोले –“ हाँ साहब सभी तरह के जानवर यहाँ हैं बस एक गधे की कमी थी | ”

  • सड़क पर एक गधे के लात मारने के कारण एक महिला की सास मर गई | कुछ ही देर में वहां सैकड़ों औरतें जमा हो गईं | भीड़ देख कर एक साहब ने कारण पूछा तो गधे के मालिक ने सारी घटना कह सुनाई | वह व्यक्ति बोला – “ फिर तो तुम बहुत परेशान होगे ? ”

गधे के मालिक ने उत्तर दिया –“ जी हाँ परेशानी की तो बात ही है | मैं यह फैसला नहीं कर सकता हूँ कि यह गधा किसको बेचूं ,सारी औरतें गधा खरीदने आई हैं | ”

  • एक होटल पर तख्ती लटकी थी |

“ आप जो चाहें खा सकते हैं , बिल आपके पोते अदा करेंगे | ”

हामिद और आसिफ दोनों भाइयों ने जब उस तख्ती को पढ़ा तो तुरन्त होटल में घुस गए और जब जी भरकर खा चुके तो वेटर ने 300 रुपये का बिल उनके सामने पेश कर दिया | दोनों भाई पहले तो चौंके फिर उस तख्ती के विषय में कहा |

वेटर बोला –“ ठीक है , परन्तु यह बिल आपके दादाजान का है | ”

  • एक व्यक्ति शराब पी कर देर से घर लौटता था | जिसके कारण उसकी पत्नी परेशान थी | एक दिन वह भी अपने पति के साथ गई | होटल में उसने वेटर को वही चीज लाने का आर्डर दिया जो उसका पति पीता था | जब वेटर द्वारा लाई हुई शराब उसने पी तो मुँह बनाते हुए बोली –“ ओह , यह तो बहुत कड़ुवी है | ”

“ और तुम तो समझती थी कि मैं यहाँ मजे उड़ाता हूँ | ” व्यक्ति ने कहा |

  • मोहन की पत्नी रोज उससे नए कपड़ों के लिए झगड़ा किया करती थी | एक दिन वह बोली –“ मुझे नयी साड़ियाँ लाकर दो वर्ना मैं मायके चली जाउंगी | ”

“ और जब वापस आओ तो मेरे लिए सूट का कपड़ा लेती आना | ” मोहन ने प्रसन्न होकर उत्तर दिया |

  • एक बूढ़ा निर्माता जो ज्यादा शराब पीता था ,की आँखों में कुछ तकलीफ थी | जब वह डॉक्टर के पास गया तो डॉक्टर ने उससे कहा –“ तुम शराब पीने की आदत के कारण अन्धे हो जाओगे | अब यह तुम पर है चाहे तुम शराब पीना बंद करो चाहे अपनी आँखें खो दो | ”

थोड़ी देर चुप रहने के बाद निर्माता बोला –“ डॉक्टर मैं काफी बूढ़ा हो गया हूँ और इस दुनिया में देखने योग्य सारी चीजें मैं देख चुका हूँ | ”

  • मालिक –“ हमें अपने दफ्तर के लिए एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है , जो निडर , निर्भीक ,साहसी और बहादुर हो | किसी बात पर कान न धरे | बस अपनी धुन का पक्का हो | सदा अपने रास्ते पर चले और किसी रुकावट से न डरे | ”

मैनेजर –“ जनाब , कल मैं ऐसे व्यक्ति को लेकर आऊंगा , जिसमें सब गुण होंगे | ”

मालिक –“ कौन है वह ? ”

मैनेजर –“ वह बस का ड्राईवर है और तेज गाड़ी चलाने के अपराध में कई बार पकड़ा जा चुका है | ”

  • राजधानी के एक ईमानदार सिनेमा मैनेजर को हॉल में एक घड़ी मिली | उसने इन्टरवल में लाउडस्पीकर से घोषणा की –“ जिस श्रीमान की घड़ी हॉल में गिरी हो , वह पिक्चर समाप्ति के बाद मेरे दफ्तर से प्राप्त कर ले | ”

पिक्चर ख़त्म हुई | दफ्तर के सामने घड़ी के हकदारों की एक लम्बी लाइन लगी थी |

  • दृश्य बहुत रोमांचकारी था | दर्शक शांत स्तब्ध बैठे थे | अचानक नायक ने नायिका के मुँह पर एक तमाचा जड़ दिया | और तभी एक सीट पर से किसी बच्चे की आवाज सुनाई दी- “ देखता रह चुन्नू , अब मम्मी की तरह यह भी उसकी बुरी तरह मरम्मत करेगी | ”
  • एक दर्शक दो बार टिकट फड़वाकर तीसरी बार जब सिनेमा गेट पर आया तब फिर गेटकीपर ने टिकट ले कर आधी फाड़ कर अपने पास रख ली | आधी टिकट दर्शक को देने के लिए उसने हाथ बढ़ाया तो दर्शक मारे गुस्से के चिल्ला उठा , “ अजीब मुसीबत है , लोग पागलों को यहाँ क्यों आने देते हैं ? तीन बार टिकट ला चुका हूँ और तीनों बार इसने फाड़ दी | अब अन्दर कैसे जाऊं ? ”
  • एक दिन अध्यापक ने बबलू से पूछा – “ तुमने आज कौन सा अच्छा काम किया | ”

बबलू –“ मैंने तथा मेरे चार मित्रों ने मिलकर एक औरत को सड़क पार करवाई | ”

अध्यापक –“ शाबाश ! लेकिन क्या एक औरत को सड़क पार कराने के लिए पाँच लड़कों की जरूरत पड़ी ? ”

बबलू –“ जी , क्योंकि वह सड़क के पार जाना नहीं चाहती थी | ”

  • अध्यापक –“ तुम दो सरल प्रश्नों के उत्तर देना पसंद करोगे या एक कठिन प्रश्न का ? ”

बबलू –“ एक कठिन प्रश्न का | ”

अध्यापक – “ तो बताओ पहले मुर्गी हुई या अंडा ? ”

बबलू – “ अंडा | ”

अध्यापक – “ कैसे ? ”

बबलू – “ सर , आप तो यह दूसरा सवाल पूछ रहे हैं | ”

  • रेल के डिब्बे में राजा की माँ ने राजा से कहा – “ चुपचाप बैठो रहो , शरारत की तो मारूंगी | ”

राजा –“ तुमने मारा तो मैं टिकट चेकर को अपनी उम्र बता दूंगा | ”

  • रमेश –“ दादी जी , आप बादाम खाती हैं क्या ? ”

दादी –“ नहीं बेटा , मेरे दांत गिर गए हैं | ”

रमेश –“ तब ठीक है , ये बादाम रख लीजिए , मैं स्कूल से लौटने पर ले लूँगा | ”

  • बाप – “ बेटा गम न करो , भाग्य में फेल होना लिखा था , सो हो गए | ”

बेटा – “ तब तो बहुत अच्छा हुआ | यदि मैं मेहनत करता तो सारी मेहनत बेकार जाती | ”

  • राकेश ने होटल मैनेजर से पूछा – “ बाहर आपने बोर्ड पर लिखा है कि आपके होटल में कद्दू और अंगूर की सब्जी बनी है | लेकिन मैंने आज तक नहीं सुना कि कद्दू और अंगूर मिला कर सब्जी बनाई जाती है | अच्छा , यह बताओ सब्जी में अंगूर कितने मिलाये गए हैं ? ”

मैनेजर – “ दोनों 50 -50 प्रतिशत याने दस कद्दू और दस अंगूर |”

  • विजय का एक बार अपनी पत्नी से किसी बात पर झगड़ा हो गया | दोनों ने आपस में बात बंद कर दी | दूसरे दिन किसी जरूरी काम से विजय को सुबह सात बजे कहीं पहुंचना था | उसने एक कागज पर लिख कर पत्नी को दिया – “ मुझे सुबह 6 बजे जगा देना | तुम्हारा पति | ”

दूसरे दिन सुबह जब विजय की आँख खुली तो साढ़े सात बज चुके थे और उसे बिस्तर पर एक पर्ची रखी हुई मिली | पर्ची पर लिखा था –“ उठो , 6 बज गए हैं | तुम्हारी पत्नी | ”

  • विनोद को हलुआ खाने का बड़ा शौक था | वह एक किराने वाले के पास पहुंचा और बोला – “ आपके पास सूजी है ? ”

दुकानदार – “ जी हाँ ! ”

विनोद – “ घी है ? ”

दुकानदार – “ है ! ”

विनोद – “ शक्कर है ? ”

दुकानदार – “ हाँ है | ”

विनोद – “ तब आप बहुत बड़े मूर्ख हैं | हलुआ क्यों नहीं बनाते ? ”

  • विजय ने हलवाई से लड्डू खरीदे , किन्तु तुरन्त वापस कर दिए और कहा –“ मुझे कलाकंद दो | ”

कलाकंद भी विजय ने तुरन्त वापस कर दिए और जलेबियाँ ले लीं | फिर जब वह चलने लगा तो हलवाई ने कहा –“ पैसे | ”

विजय – “ कैसे पैसे ? ”

हलवाई – “ जलेबियों के | ”

विजय – “ जलेबियाँ तो मैंने कलाकंद के बदले में ली है | ”

हलवाई – “ तो कलाकंद के पैसे दो | ”

विजय – “ कलाकंद तो मैंने लड्डुओं के बदले में लिया था | ”

हलवाई – “ तो लड्डू के पैसे दो | ”

विजय – “ वाह ! लड्डू तो मैंने वापस कर दिए | ”

  • गंजा व्यक्ति – “ मेरे सिर पर तो बाल बहुत कम हैं | मुझसे तो तुम्हें कम पैसे लेने चाहिए | ”

नाई – “ जनाब ! मैं आपसे बाल काटने के पैसे थोड़े न लेता हूँ , बाल ढूँढने के पैसे लेता हूँ जी ! ”

  • एक दिन अतुल और रवीन्द्र होटल में गए और एक प्लेट फ्राई मछली लाने का ऑर्डर दिया | वेटर प्लेट में एक छोटा तथा एक बड़ा टुकड़ा रख कर लाया | तब रवीन्द्र बड़ा टुकड़ा उठाकर खाने लगा तो अतुल बोला – “ तुझमें बिलकुल सभ्यता नहीं है , तुम्हारी जगह मैं होता तो स्वयं छोटा टुकड़ा उठता | ”

“ तो अब शिकायत क्यों कर रहे हो , तुम्हे छोटा टुकड़ा मिल गया | रवीन्द्र ने उत्तर दिया | ”

  • दीनू एक दिन रात के 12 बजे एक बिल्ली को नहला रहे थे | बिल्ली की आवाज सुनकर पड़ोसी उठा और बिल्ली को नहलाता देखकर वह बोला – “ अरे भाई रात को इस बिल्ली को क्यों नहला रहे हो यह मर जाएगी | ”

दीनू ने कहा – “ नहीं जी , इसको तो रात में नहाने की आदत है |” यह सुन कर पड़ोसी वापस चला गया |

कुछ देर बाद दीनू के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी फिर उठा और उसको रोते देखकर बोला – “ अरे भाई अब रोते क्यों हो ? ”

दीनू ने उत्तर दिया – “ बिल्ली मर गई |”

पड़ोसी ने कहा – “ मैं तो पहले ही कह रहा था कि रात में मत नहलाओ यह मर जाएगी | ”

दीनू ने उत्तर दिया – “ नहलाने से नहीं मरी है | इसको तो नहलाकर जब निचोड़ा तो यह मर गई |”

  • तीन डाक्टर आपस में कह रहे थे कि मैं बिना देखे बता दूंगा कि आदमी की कहाँ की हड्डी टूटी है | तभी सामने से चौधरी लंगड़ाता हुआ निकला | पहले डाक्टर ने कहा – “ इसके घुटने की हड्डी टूटी है |”

दूसरे ने कहा – “ इसकी कमर की हड्डी टूटी है | ”

तीसरे ने कहा – “ इसके पैर के एड़ी की हड्डी टूटी है | ”

फिर तीनों डाक्टर जल्दी से उस आदमी के पास गए | तीनों ने पूछा – “ भाई आपकी कहाँ की हड्डी टूटी है ? ” चौधरी ने उत्तर दिया – “ मेरी कहीं की भी हड्डी नहीं टूटी है , मेरी चप्पल का फीता टूट गया है इसलिए लंगड़ा रहा हूँ | ”

  • पड़ोसन – “ मैंने कहा क्या कर रही हो बहन ? ”

दूसरी पड़ोसन – “ झाड़ू लगा रही हूँ | ”

पड़ोसन – “ यहीं आकर लगा लो ना , कुछ गप –शप भी हो जाएगी | ”

  • रेलगाड़ी में एक मुसाफिर ने दूसरे मुसाफिर से कहा – “ मेहरबानी करके मुझे अपना चश्मा थोड़ी देर के लिए देंगे | ”

दूसरे ने चश्मा उतार कर दे दिया |

चश्मा लेकर मुसाफिर फिर कहने लगा – “ चूँकि आप चश्मे के बिना पढ़ नहीं पायेंगे , इसलिए अब अपना अखबार भी इधर बढ़ा दीजिये | ”

  • चलती ट्रेन के स्लीपर में ऊपर वाले मुसाफिर की नींद खुली तो झुक कर नीचे वाले से बोला – “ भाई साहब क्या बजा है ? ”

“ बज के पाँच | ”

थोड़ी देर बाद समझने की कोशिश कर चुकने के बाद उन्होंने फिर पूछा – “ भाई साहब कितना बजा है ? ”

“ बज के दस | ”जवाब मिला |

“ क्या बज के पांच ,क्या बज के दस लगा रखा है | साफ –साफ बताते क्यों नहीं कि क्या टाइम हुआ है | ” डांटते हुए ऊपर के मुसाफिर ने कहा |

नीचे वाले ने अपनी घड़ी दिखाते हुए कहा –“ भाई साहब , जब छोटी सूई नहीं है तो क्या बताऊँ , आप ही बताओ | ”

  • रेल के एक डिब्बे में बैठी कुछ स्त्रियाँ आपस में बात –चीत कर रही थीं | वे सभी अपनी –अपनी उम्र कम कर के बता रही थीं | एक चालीस वर्षीय महिला ने कहा – “ मैं तो पच्चीस वर्ष की हूँ | ”

सैंतीस वर्षीय अनुराधा ने कहा – “ मेरी आयु छब्बीस वर्ष है | ”

और तीसरी रमा जोशी ने कहा – “ मैं तो सोलह की हूँ | ”

ऊपर की बर्थ पर बैठा सुरेश उनकी सारी बातें सुन रहा था | जब उनसे रहा न गया तो वह ऊपर से धड़ाम से कूद पड़ा | उन स्त्रियों ने अचकचा कर डांटते हुए कहा – “ अरे तुम कहाँ से आ गए ? ”

“ मैं तो अभी –अभी पैदा हुआ हूँ |” बीस वर्षीय सुरेश बोला |

  • एक बार दो आदमी आपस में कहीं मिले | एक ने दूसरे से कहा –“ क्यों न किसी होटल में चल कर बैठें | ”

दूसरा बोला – “ चलूँगा लेकिन एक शर्त है कि वहां खाने पीने का पहला ऑर्डर तुम दोगे और जो ऑर्डर देगा वही उसकी पेमेंट भी करेगा | ”

इस पर दूसरा आदमी बोला – “चलो मंजूर है |”

दोनों एक होटल में पहुँच गए | जब बैरा उनके पास आया तो शर्त के अनुसार पहले वाले ने उसे दो गिलास पानी लाने के लिए कह दिया | पानी आने पर शर्त के अनुसार अब दूसरे की बारी थी तो उसने ऑर्डर दिया – “ बैरा मीनू लाओ | ”

  • जब मीनू आ गया तो फिर पहले वाले ने कहा – “ मेरे लिए एक कप चाय लाओ और इसे धक्के मारकर बाहर निकाल दो | ”
  • मजिस्ट्रेट – “ श्रीमती ब्राइट , आपकी उम्र क्या है ? ”

मिसेज ब्राइट ( मुस्कुराकर ) – “ बीस वर्ष और कुछ महीने |”

मजिस्ट्रेट –“ कितने महीने ? ”

मिसेज ब्राइट – “ दो सौ | ”

  • जापान के दो कंजूस आपस में बहस कर रहे थे कि दोनों में से कौन ज्यादा कंजूस है | एक ने कहा – “ गर्मी के दिनों में मैं अपने पंखे को आधा ही खोलता हूँ ताकि आधा हिस्सा नया रहे | ”

दूसरे ने कहा – “ वाह ! यह भी कोई बात हुई | मैं तो अपना पंखा पूरा खोल देता हूँ लेकिन उसे जरा भी नहीं हिलाता सिर्फ अपने सिर को उसके सामने जल्दी –जल्दी दायें बाएं हिलाता रहता हूँ | ”

  • शिशु – “ माँ , पिताजी के सिर पर बाल क्यों नहीं हैं ? ”

माँ – “ बेटे , इसलिए कि वे बुद्धिमान हैं | ”

शिशु – “ माँ , तुम्हारे बाल इतने बड़े क्यों हैं ? ”

माँ – “ क्योंकि … चला जा यहाँ से और अपना सबक याद कर | ”

  • एक सिनेमाघर में एक पति – पत्नी लगभग सारा समय बैठे आपस में बातें ही करते रहे | साथ बैठे अन्य दर्शकों को यह बहुत बुरा लग रहा था | जब एक दर्शक से न रहा गया तो बोल बैठा – “ क्या तोते की तरह टाएँ – टाएँ लगा रखी है , कभी चुप नहीं होते | ”

इस बात पर पति ने बिगड़ कर पूछा – “ क्या आप मेरे बारे में कह रहे हैं |”

जबाब मिला –“ जी नहीं , आपको नहीं फिल्म वालों को कह रहा हूँ | शुरू से ही बोले जा रहे हैं , आप लोगों की बातचीत का एक शब्द भी नहीं सुनाई दिया | ”

  • प्रसूति गृह के डाक्टरों की सभा हो रही थी | विषय था , साहित्य और वातावरण का गर्भिणी पर प्रभाव | जब साहित्य की चर्चा चली तो एक ने कहा – “ साहित्य का प्रभाव तो मैंने प्रत्यक्ष देखा है | मैंने अपनी पत्नी को गर्भकाल में ‘ दो बहनें ’ किताब पढ़ने के लिए दी थी | उसने दो लड़कियों को जन्म दिया | ”

“ मैं आपकी बात का समर्थन करता हूँ | मैंने अपनी पत्नी को ‘ तीन लफंगे ’ पढ़ने के लिए दिया था | परिणाम स्वरुप तीन तिलंगे उपद्रव करने आ टपके | ”एक और डाक्टर ने कहा |

इस पर अन्य एक डाक्टर अचानक उठ कर जाने लगा | अन्य डाक्टरों ने पूछा –“ क्या हो गया ? कहाँ चल दिए ? ”

वह डाक्टर बोला – “ मेरी तो मति मारी गई थी | बीवी के पाँव भारी हैं | मैंने उसे पढ़ने के लिए ‘ अलीबाबा चालीस चोर ’ दे के आया हूँ | ”

  • एक सज्जन अपने दस वर्षीय पुत्र के साथ एक दरी बेचने वाले की दुकान में आये | उन्होंने कहा –“ मुझे एक बढ़िया दरी चाहिए | ”

दुकानदार ने अनेक प्रकार की दरियाँ दिखलाई | अंत में महाशय ने एक दरी पसंद करते हुए कहा – “ अच्छा तो यह दरी अभी लिए जा रहा हूँ , अगर कमरे में ठीक-ठीक आ गई तो रख लूँगा , वर्ना वापस कर दूंगा | ”

दुकानदार ने विश्वास कर लिया और कहा – “ लेकिन कल शाम तक वापस कर दीजियेगा | ”

उस सज्जन के बोलने से पहले ही उनका पुत्र बोल पड़ा – “ हमारे यहाँ दावत आज ही रात को ही है | ”

  • “ क्या यह लड़का आपका है , जो मेरे कपड़ों पर रेत डाल रहा है |” समुद्र के किनारे बैठे आदमी ने चिढ़कर कहा |

“ जी नहीं , यह तो मेरा भांजा है | मेरा लड़का तो उधर आपका छाता तोड़ रहा है | ” महिला ने सुलझे स्वर में उत्तर दिया |

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